केला हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है. इसमें पोटेशियम और मैग्नीशियम की मात्रा अच्छी पाई जाती है जिससे यह हमें इंस्टेंट एनर्जी देता है. केले का सुबह-सुबह सेवन करने से पाचन प्रक्रिया भी अच्छी होती है और इससे एसिडिटी की समस्या भी कम होती है.
इसके अलावा जिन लोगों का वजन कम है वह भी यदि दूध के साथ केले का नित्य प्रयोग करते हैं तो उनके वजन में बढ़ोतरी हो सकती है. ऐसे में कहा जा सकता है कि केले का सेवन काफी अच्छा है. लेकिन फिर भी हर वस्तु की एक सीमा होती है. ऐसे में केले का सेवन भी कुछ विशेष नियमों के तहत ही करना चाहिए.
इस विषय में आयुर्वेद विशेष डॉ अबरार मुल्तानी से की गई बातचीत में उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के मुताबिक हर फल की प्रकृति अलग होती है ऐसे में हर के अपने अलग फायदे होते हैं और कुछ नुकसान भी होते हैं.
केले के साथ नहीं खाना चाहिए पपीता! डॉ अबरार मुल्तानी का कहना है कि यदि हम केले के सेवन के विषय में बात करें तो यह हमारे दिल और पेट में काफी लाभदायक होता है. साथ ही दूसरा फल पपीता भी खाने में काफी स्वस्थ और पाचन के लिए अच्छा होता है. लेकिन इन दोनों फलों की तासीर अलग-अलग होती है. ऐसे में आयुर्वेद में इनका एक साथ सेवन मना किया गया है.
डॉ अबरार मुल्तानी का कहना है कि कुछ शो’ध बताते हैं कि पपीता हमारे शरीर में कोले’स्ट्रॉल लेवल को कम करता है. ऐसे में यदि आप खू’न पतला करने की दवा ले रहे हैं तो आप पपीते के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. ऐसा इसलिए क्योंकि पपीता भी खू’न पतला करने का काम करता है.
इसके साथ ही साथ पपीता और केला विशेष तौर पर एक साथ गर्भवती महिलाओं को नहीं देना चाहिए. साफ तौर पर गर्भवती महिलाओं को पपीते का सेवन नहीं करना चाहिए. यह गर्भधारण के शुरुआती दौर में आवश्यक होता है लेकिन उसके पश्चात डॉक्टर की सलाह अनुसार ही आगे बढ़े.
हम यह जानकारी आपकी सहायता हेतु लेकर आए हैं लेकिन फिर भी आप किसी भी चीज को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य परामर्श कर ले.


































































