कहा जाता है खरी कमाई की चीज अगर खो भी जाए तो वापस मिल जाती है, इसी बात को सच कर दिखाया है मुंबई की एक घटना ने. जहां एक परिवार को 23 साल पहले खोए हुए अपने बेशकीमती जेवरात अब वापस मिले हैं.
शायद इस परिवार ने अपना सामान वापस पाने की उम्मीद ही छोड़ दी होगी, तब अचानक ही उनकी किस्मत पलटी और उन्हें वापस अपना सारा सामान मिल गया.दरअसल मुंबई के फैशन ब्रांड Chargah Din के मालिक अर्जन दास्वानी के घर से 23 साल पहले लूटपाट हुई थी, और लूटपाट के दौरान उस समय की कीमत के हिसाब से लगभग 13 लाख के गहने चुरा ले गए थे.
आज अर्जन दास्वानी इस दुनिया में नहीं है, तब जाकर उन्हें अपना सामान वापस मिला है.मुंबई के कोलाबा स्थित घर में 8 मई 1998 को अर्जन दास्वानी के घर हथियारबंद गैंग ने हमला किया था. इस दौरान घर में उपस्थित सभी सदस्यों को बंदी बना लिया गया और उनसे अलमारी की चाबी और छीन कर लूटपाट की.
इस लूटपाट में उनके घर से रानी विक्टोरिया की तस्वीर वाला एक सोने का सिक्का, दो सोने के कंगन, 1300 ग्राम और 200 ग्राम वजन की सोने की दो शिल्लीयां चोरी कर ली गई थी. पूरे सोने की उस समय लगभग कीमत 13 लाख रुपए थी.
1999 में इस गैंग को पकड़ लिया गया था लेकिन उनके 3 साथी फरार हो चुके थे.जिन्हें पकड़ा नहीं जा सका और यह मामला लंबित हो गया. 2007 में अर्जन दास्वानी का निधन हो गया था. जिसके बाद उनका बेटा राजू दास्वानी और उनकी दो बेटियां उत्तराधिकारी बने.
हाल ही में कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की और न्यायाधीश ने यह कहते हुए फटकारा कि इतने लंबे समय तक इस सामान को कस्टडी में रखने का कोई मतलब नहीं है, सारा सामान उनके उत्तराधिकारी उनको दे दिया जाए. संपत्ति की कानूनी वारिस का इस पर अधिकार है और इसे वापस ले जाने के लिए उन्हें बिल और रसीद जमा करानी होगी. इसके बाद उत्तराधिकारी राजू दास्वानी ने सारे सामान के बिल और रसीद जमा करा कर अपने सामान को छुड़वाया.


































































